Arise, awake and organize to strive for the establishment of a classless, castles and gender discrimination free secular society. ਜਾਗੋ! ਜਥੇਬੰਦ ਹੋਵੇ!! ਜਮਾਤ ਰਹਿਤ, ਜਾਤ ਰਹਿਤ ਤੇ ਨਾਰੀ ਮੁਕਤੀ ਵੱਲ ਸੇਧਤ ਸੈਕੂਲਰ ਸਮਾਜ ਦੀ ਸਿਰਜਣਾ ਲਈ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਰੋ!!!

Sunday, 29 March 2026

Trump-Netanyahu, murderers of innocents, should be treated like war criminals



Jandiala Guru: "The unjust war waged by America-Israel against Iran, which claimed the lives of thousands of innocent people including women and children, has pushed all countries of the world, including India, into a deep economic crisis and people are suffering from severe shortage of oil, gas, food grains and other food items, inflation and black marketing." Addressing the "Samraj Bhajao Manatava Bachao Modi Hatao Desh Bachao" conference organized by the Revolutionary Marxist Party of India (RMPI) at the grain market here to celebrate the martyrdom day of Shaheed-e-Azam Bhagat Singh, Rajguru, Sukhdev, the party's General Secretary Comrade Mangat Ram Pasla said the above words. State Committee Secretary Comrade Pargat Singh Jamarai, Central Committee Member Comrade Gurnam Singh Daud, State Secretariat Members Dr. Satnam Singh Ajnala and Comrade Shiv Kumar Pathankot also expressed their views. The meeting was chaired by comrades Rattan Singh Randhawa, Natha Singh and Chaman Lal Daraj Ke. The stage was conducted by comrade Harpreet Singh Butari. 

Pasla and his colleagues demanded an immediate ceasefire and full compensation for the losses suffered by Iran, saying that the traitors of world peace, Trump-Netanyahu, should be treated like war criminals. Taking a strong swipe at the Modi government, which has tarnished India's reputation by kneeling before Israel-America, the speakers said that the RSS cadres have tied the fate of the country to the oppressors, because the dictator Trump, the blatant racist Netanyahu and the born enemy of democracy, Modi, are the descendants of the inhuman thinking of fascists like Mussolini and Hitler.

The leaders have appealed to the Indian workers and hard working population to wage a new freedom struggle to liberate themselves from the neo-liberal policies designed to serve the interests of imperialist countries, multinational corporations and corporate capitalists like Adani-Ambadi; the neo-colonial slavery in the form of 'foreign trade agreements' that eliminate the country's self-reliance and self-determination; and the black laws of the Modi government.

He said that the ultimate target of the killing of Muslim and Christian minorities, Dalits, women and tribals and the unspeakable atrocities being committed against them by the RSS-BJP and Modi government to sharpen communal-casteist divisions and establish a religion-based backward structure will be the entire working population of the country, especially the hardworking and progressive people of the Hindu community. This fact is amply confirmed by the systematic destruction of agriculture, small and medium industries-businesses and retail trade and the repeal of labor laws and the formulation of four labor-killing labor codes.

The speakers said that the rampant increase in drug trafficking, corruption, criminal incidents, looting by sand and gravel mafia and police repression on the struggling people in Punjab shows that the AAP's tall claims of bringing  change is the biggest political betrayal of the people of the state till date. Many elected representatives of the AAP government are in jail on charges of their immoral acts, corrupt practices and extortion and involvement in the drug trade. They said that to cover up his really poor performance on every front, the Chief Minister is spending thousands of crores of rupees on advertising and is distributing a bunch of concessions to garner votes. To cover his sins the CM is trying to strangle the freedom of media. They said that in the current critical period, only the common path and united people's war of the followers of the humanistic teachings of the Sikh Gurus and the teachings of the leaders of the Bhakti movement, the leftists who love Bhagat Singh's thoughts, those who love democracy and secularism from their core of the heart and the true followers of Ambedkar's thoughts can liberate the people from hunger, suffering and humiliation and this will be a true tribute to the martyrs of March 23. Raghbir Singh Pakiwan, Mahipal, Dharmendra Singh, Harinder Singh Randhawa, Mukhtiar Singh Mallah, Gurmez Singh Timmowal, Thakur Dhian Singh, Kulwant Singh Mallu Nangal, Shamsher Singh Batala, Baldev Singh Saidpur, Daljit Singh Dayalpura, Amrik Singh Daud, Baldev Singh Pandori, Gurnam Singh Bhinder were also present.

क्रूर आक्रमणकारियों के सामने घुटने टेककर मोदी सरकार ने देशवासियों को मुसीबत में फंसा दिया है: पासला



जंडियाला गुरु: "अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़ा गया अन्यायपूर्ण युद्ध, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित हजारों निर्दोष लोगों की जान गई, ने भारत सहित दुनिया के सभी देशों को गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया है और लोग तेल, गैस, अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों की गंभीर कमी, महंगाई और कालाबाजारी से जूझ रहे हैं।" शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के शहादत दिवस के उपलक्ष्य में यहां अनाज मंडी में आयोजित "साम्राज्यवाद भगाओ मानवता बचाओ मोदी हटाओ देश बचाओ" सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पार्टी के महासचिव कॉमरेड मंगत राम पसला ने उपरोक्त शब्द कहे। राज्य समिति के सचिव कॉमरेड परगट सिंह जामाराय, केंद्रीय समिति के सदस्य कॉमरेड गुरनाम सिंह दाऊद, राज्य सचिव मंडल के सदस्यगण डॉ. सतनाम सिंह अजनाला और कॉमरेड शिव कुमार पठानकोट ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बैठक की अध्यक्षता कॉमरेड रतन सिंह रंधावा, नथा सिंह और चमन लाल दराज के ने की। मंच का संचालन कॉमरेड हरप्रीत सिंह बुटारी ने किया। पासला और उनके साथियों ने तत्काल युद्धविराम और ईरान को हुए नुकसान का पूर्ण मुआवजे दिये जाने की मांग करते हुए कहा कि विश्व शांति के गद्दारों, ट्रंप-नेतन्याहू के साथ युद्ध अपराधियों जैसा बर्ताव किया जाना चाहिए। इजरायल-अमेरिका के सामने घुटने टेककर भारत की प्रतिष्ठा धूमिल करने वाली मोदी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आरएसएस के चेलों ने देश का भाग्य उत्पीड़कों से जोड़ दिया है, क्योंकि तानाशाह ट्रंप, नस्लवादी नेतन्याहू और लोकतंत्र के जन्मजात दुश्मन मोदी, मुसोलिनी और हिटलर जैसे फासीवादियों की अमानवीय सोच के वंशज हैं।

नेताओं ने भारतीय श्रमिकों और मेहनती जनता से एक नया स्वतंत्रता संघर्ष छेड़ने की अपील की है ताकि वे साम्राज्यवादी देशों, बहुराष्ट्रीय निगमों और अडानी-अंबाडी जैसे कॉरपोरेट पूंजीपतियों के हितों की पूर्ति के लिए बनाई गई नवउदारवादी नीतियों तथा देश की आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्णय को समाप्त करने वाले 'विदेशी व्यापार समझौतों' के रूप में नव-औपनिवेशिक गुलामी से और मोदी सरकार के काले कानूनों से खुद को मुक्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि आरएसएस-भाजपा और मोदी सरकार द्वारा मुस्लिम और ईसाई अल्पसंख्यकों, दलितों, महिलाओं और आदिवासियों की हत्या और उनके खिलाफ किए जा रहे अकल्पनीय अत्याचारों का अंतिम लक्ष्य देश की पूरी कामकाजी आबादी, विशेषकर हिंदू समुदाय के मेहनती और प्रगतिशील लोग होंगे। इन अत्याचारों का उद्देश्य सांप्रदायिक-जातिगत विभाजन को बढ़ावा देना और धर्म आधारित पिछड़ा ढांचा स्थापित करना है। कृषि, लघु एवं मध्यम उद्योगों, व्यवसायों और खुदरा व्यापार का सुनियोजित विनाश, श्रम कानूनों का खात्मा और चार श्रम-विरोधी श्रम संहिताओं का निर्माण इस तथ्य की पुष्टि करता है।

वक्ताओं ने कहा कि पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी, भ्रष्टाचार, आपराधिक घटनाओं, रेत-बजरी माफिया द्वारा लूटपाट और संघर्षरत लोगों पर पुलिस के दमन में हो रही व्यापक वृद्धि यह दर्शाती है कि आम आदमी पार्टी का परिवर्तन का दावा राज्य की जनता के साथ अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक विश्वासघात है। आम आदमी पार्टी की सरकार के कई निर्वाचित प्रतिनिधि अनैतिक कृत्यों, भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और मादक पदार्थों के व्यापार में संलिप्तता के आरोपों में जेल में हैं। उन्होंने कहा कि हर मोर्चे पर अपने बेहद खराब प्रदर्शन को छिपाने के लिए मुख्यमंत्री विज्ञापन पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं और वोट बटोरने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे हैं। मुख्य मंत्री ने अपने पाप छिपाने हेतू मीडीया की आज़ादी का करना प्रारम्भ कर दिया है।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान नाजुक दौर में, सिख गुरुओं की मानवतावादी वाणी और भक्ति आंदोलन के नेताओं की शिक्षाओं के अनुयायियों, भगत सिंह के विचारों से प्रेम करने वाले वामपंथियों, हृदय से लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता से प्रेम करने वालों और अंबेडकर के विचारों के सच्चे अनुयायियों का सांझा मंच और एकजुट जनयुद्ध ही जनता को भूख, पीड़ा और अपमान से मुक्ति दिला सकता है और यही 23 मार्च के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 

रघुबीर सिंह पकीवां, महिपाल, धर्मेंद्र सिंह,  हरिंदर सिंह रंधावा, मुख्तियार सिंह मल्लाह, गुरमेज सिंह तिॅमोवाल, ठाकुर ध्यान सिंह, कुलवंत सिंह मल्लू नांगल, शमशेर सिंह बटाला, बलदेव सिंह सैदपुर, दलजीत सिंह दयालपुरा, अमरिक सिंह दाऊद, बलदेव सिंह पंडोरी, गुरनाम सिंह भिंडर भी उपस्थित थे।

ਜ਼ਾਲਮ ਧਾੜਵੀਆਂ ਮੂਹਰੇ ਗੋਡੇ ਟੇਕ ਕੇ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਦੇਸ਼ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਮੁਸੀਬਤਾਂ 'ਚ ਫਸਾਇਆ: ਪਾਸਲਾ



ਜੰਡਿਆਲਾ ਗੁਰੂ: "ਅਮਰੀਕਾ-ਇਜ਼ਰਾਇਲ ਵਲੋਂ ਈਰਾਨ ਖਿਲਾਫ ਵਿੱਢੀ, ਬੱਚਿਆਂ-ਔਰਤਾਂ ਸਮੇਤ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਨਿਰਦੋਸ਼ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਬਲੀ ਲੈਣ ਵਾਲੀ ਨਿਹੱਕੀ ਜੰਗ ਨੇ   ਭਾਰਤ ਸਣੇ ਸੰਸਾਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਦੇਸ਼ ਡੂੰਘੇ ਆਰਥਕ ਸੰਕਟ ਵੱਲ ਧੱਕ ਦਿੱਤੇ ਹਨ ਅਤੇ ਲੋਕੀਂ ਤੇਲ-ਗੈਸ, ਅਨਾਜ ਤੇ ਹੋਰ ਖੁਰਾਕੀ ਵਸਤਾਂ ਦੀ ਭਾਰੀ ਕਿੱਲਤ, ਮਹਿੰਗਾਈ ਤੇ ਕਾਲਾ ਬਾਜ਼ਾਰੀ ਦਾ ਸੰਤਾਪ ਭੋਗ ਰਹੇ ਹਨ।" ਭਾਰਤੀ ਇਨਕਲਾਬੀ ਮਾਰਕਸਵਾਦੀ ਪਾਰਟੀ (ਆਰ.ਐੱਮ.ਪੀ.ਆਈ) ਵਲੋਂ ਸ਼ਹੀਦ-ਇ-ਆਜ਼ਮ ਭਗਤ ਸਿੰਘ, ਰਾਜਗੁਰੂ, ਸੁਖਦੇਵ ਦਾ ਸ਼ਹੀਦਾ ਦਿਹਾੜਾ ਮਨਾਉਣ ਲਈ ਇੱਥੋਂ ਦੀ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀ 'ਚ ਸੱਦੀ ਗਈ "ਸਾਮਰਾਜ ਭਜਾਓ ਮਾਨਵਤਾ ਬਚਾਓ ਮੋਦੀ ਹਟਾਓ ਦੇਸ਼ ਬਚਾਓ" ਕਾਨਫਰੰਸ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਕਾਮਰੇਡ ਮੰਗਤ ਰਾਮ ਪਾਸਲਾ ਨੇ ਉਕਤ ਸ਼ਬਦ ਕਹੇ ਹਨ। ਰਾਜ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਸਕੱਤਰ ਸਾਥੀ ਪਰਗਟ ਸਿੰਘ ਜਾਮਾਰਾਏ, ਕੇਂਦਰੀ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਸਾਥੀ ਗੁਰਨਾਮ ਸਿੰਘ ਦਾਊਦ, ਸੂਬਾ ਸਕੱਤਰੇਤ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਨ ਡਾਕਟਰ ਸਤਨਾਮ ਸਿੰਘ ਅਜਨਾਲਾ ਤੇ ਸਾਥੀ ਸ਼ਿਵ ਕੁਮਾਰ ਪਠਾਨਕੋਟ ਨੇ ਵੀ ਵਿਚਾਰ ਰੱਖੇ। ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਸਾਥੀ ਰਤਨ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ, ਨੱਥਾ ਸਿੰਘ ਤੇ ਚਮਨ ਲਾਲ ਦਰਾਜਕੇ ਨੇ ਕੀਤੀ। ਮੰਚ ਸੰਚਾਲਨ ਸਾਥੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਬੁਟਾਰੀ ਨੇ ਕੀਤਾ। ਪਾਸਲਾ ਤੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨੇ ਫੌਰੀ ਜੰਗਬੰਦੀ ਤੇ ਈਰਾਨ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨ ਦੀ ਮੁਕੰਮਲ ਭਰਪਾਈ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਸੰਸਾਰ ਅਮਨ ਦੇ ਦੋਖੀ ਟਰੰਪ-ਨੇਤਨਯਾਹੂ ਨਾਲ ਜੰਗੀ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਵਾਲਾ ਸਲੂਕ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਇਜ਼ਰਾਇਲ-ਅਮਰੀਕਾ ਮੂਹਰੇ ਗੋਡੇ ਟੇਕ ਕੇ ਭਾਰਤ ਦੀ ਸਾਖ ਨੂੰ ਬੱਟਾ ਲਾਉਣ ਵਾਲੀ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਕਰੜੇ ਹੱਥੀਂ ਲੈਂਦਿਆਂ ਬੁਲਾਰਿਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਰਐੱਸਐੱਸ ਦੇ ਚਾਟੜਿਆਂ ਨੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਹੋਣੀ ਜ਼ਾਲਿਮ ਧਾੜਵੀਆਂ ਨਾਲ ਨੱਥੀ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹ ਟਰੰਪ, ਘੋਰ ਨਸਲਵਾਦੀ ਨੇਤਨਯਾਹੂ ਤੇ ਲੋਕਰਾਜ ਦਾ ਜਨਮਜਾਤ ਵੈਰੀ ਮੋਦੀ ਮੁਸੁਲਿਨੀ ਤੇ ਹਿਟਲਰ ਵਰਗੇ ਫਾਸਿਸਟਾਂ ਦੀ ਅਮਾਨਵੀ ਸੋਚ ਦੇ ਪਿਛਲੱਗ ਹਨ।

ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਭਾਰਤੀ ਕਿਰਤੀਆਂ ਤੇ ਮਿਹਨਤੀ ਵਸੋਂ ਨੂੰ ਸਾਮਰਾਜੀ ਦੇਸ਼ਾਂ, ਬਹੁਕੌਮੀ ਕਾਰਪੋਰੇਸ਼ਨਾਂ ਤੇ ਅਡਾਨੀ-ਅੰਬਾਦੀ ਜਿਹੇ ਜੁੰਡੀ ਪੂੰਜੀਪਤੀਆਂ ਦੇ ਹਿਤ ਪੂਰਨ ਲਈ ਘੜੀਆਂ ਨਵ-ਉਦਾਰਵਾਦੀ ਨੀਤੀਆਂ; ਦੇਸ਼ ਦੀ ਸਵੈ ਨਿਰਭਰਤਾ ਤੇ ਖੁਦ ਮੁਖਤਿਆਰੀ ਦਾ ਖਾਤਮਾ ਕਰਨ ਵਾਲੇ 'ਵਿਦੇਸ਼ ਵਪਾਰ ਸਮਝੌਤਿਆਂ' ਰੂਪੀ ਨਵਬਸਤੀਵਾਦੀ ਗੁਲਾਮੀ ਤੇ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕਾਲੇ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਤੋਂ ਮੁਕਤੀ ਦਾ ਨਵਾਂ ਸੁਤੰਤਰਤਾ ਸੰਗਰਾਮ ਛੇੜਨ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ। 

ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਫਿਰਕੂ-ਜਾਤੀਵਾਦੀ ਵੰਡ ਤਿੱਖੀ ਕਰਨ ਤੇ ਧਰਮ ਆਧਾਰਿਤ ਪਿਛਾਖੜੀ ਢਾਂਚਾ ਕਾਇਮ ਕਰਨ ਲਈ ਸੰਘ-ਭਾਜਪਾ ਤੇ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਮੁਸਲਿਮ ਤੇ ਈਸਾਈ ਘੱਟ ਗਿਣਤੀਆਂ, ਦਲਿਤਾਂ, ਔਰਤਾਂ ਤੇ ਕਬਾਇਲੀਆਂ ਦੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਕਤਲ ਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ 'ਤੇ ਢਾਹੇ ਜਾ ਰਹੇ ਅਕਹਿ ਜ਼ੁਲਮਾਂ ਦਾ ਅੰਤਮ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਸਮੁੱਚੀ ਕਿਰਤੀ ਵਸੋਂ, ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਹਿੰਦੂ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੇ ਮਿਹਨਤੀ ਤੇ ਅਗਾਂਹਵਧੂ ਲੋਕ ਬਣਨਗੇ। ਖੇਤੀ-ਬਾੜੀ, ਛੋਟੇ ਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਉਦਯੋਗ-ਕਾਰੋਬਾਰ ਤੇ ਪ੍ਰਚੂਨ ਵਪਾਰ ਦਾ ਯੋਜਨਾਬੱਧ ਖਾਤਮਾ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਤੇ ਕਿਰਤ ਕਾਨੂੰਨ ਖਾਰਜ ਕਰਕੇ ਕਿਰਤੀ ਮਾਰੂ ਚਾਰ ਕਿਰਤ ਕੋਡ ਘੜਨ ਰਾਹੀਂ ਇਸ ਤੱਥ ਦੀ ਬਾਖੂਬੀ ਪੁਸ਼ਟੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। 

ਬੁਲਾਰਿਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਅੰਦਰ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ, ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ, ਅਪਰਾਧਿਕ ਵਾਰਦਾਤਾਂ, ਰੇਤ-ਬਜਰੀ ਮਾਫੀਆ ਦੀ ਲੁੱਟ ਅਤੇ ਲੜ ਰਹੇ ਲੋਕਾਂ 'ਤੇ ਪੁਲਸ ਜਬਰ ਦਾ ਬੇਲਗਾਮ ਵਾਧਾ ਦੱਸਦਾ ਹੈ ਕਿ 'ਆਪ' ਦਾ ਬਦਲਾਅ ਦਾ ਦਮਗਜਾ ਸੂਬੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਅੱਜ ਤਾਈਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਸਿਆਸੀ ਧੋਖਾ ਹੈ। 'ਆਪ' ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਅਨੇਕਾਂ ਹੀ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਨੁਮਾਇੰਦੇ ਆਪਣੇ ਬਦ ਇਖਲਾਕ ਕਾਰਿਆਂ, ਭ੍ਰਿਸ਼ਟ ਤੌਰ ਤਰੀਕਿਆਂ ਤੇ ਧੱਕੇਸ਼ਾਹੀ ਅਤੇ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਧੰਦੇ 'ਚ ਭਾਗੀਦਾਰ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਅਧੀਨ ਜੇਲ੍ਹਾਂ 'ਚ ਬੰਦ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰ ਮੁਹਾਜ 'ਤੇ ਆਪਣੀ ਅਸਲੋਂ ਨਖਿੱਧ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਦੀ ਪਰਦਾਪੋਸ਼ੀ ਲਈ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਬਾਜੀ 'ਤੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਫੂਕ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੇ ਵੋਟਾਂ ਬਟੋਰਨ ਲਈ ਰਿਆਇਤਾਂ ਦੇ ਗੱਫੇ ਵੰਡ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਹੋ ਨਹੀਂ ਆਪਣੇ ਪਾਪ ਕੱਜਣ ਲਈ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪ੍ਰੈਸ ਦੀ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦਾ ਵੀ ਗਲਾ ਘੁੱਟ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਜੋਕੇ ਸੰਕਟਮਈ ਦੌਰ 'ਚ ਸਿੱਖ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬਾਨ ਦੀ ਮਾਨਵੀ ਬਾਣੀ ਤੇ ਭਗਤੀ ਲਹਿਰ ਦੇ ਰਹਿਬਰਾਂ ਦੀਆਂ ਸਿਖਿਆਵਾਂ ਦੇ ਪੈਰੋਕਾਰਾਂ, ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਸੋਚ ਨੂੰ ਪ੍ਰਣਾਏ ਖੱਬੇ ਪੱਖੀਆਂ, ਲੋਕਰਾਜ ਤੇ ਧਰਮ ਨਿਰਪੱਖਤਾ ਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਪਿਆਰ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਅਤੇ ਅੰਬੇਦਕਰ ਦੀ ਸੋਚ ਦੇ ਖਰੇ ਪੈਰੋਕਾਰਾਂ ਦਾ ਸਾਂਝਾ ਮੁਹਾਜ ਅਤੇ ਬੱਝਵਾਂ ਲੋਕ ਯੁੱਧ ਹੀ ਲੋਕਾਈ ਨੂੰ ਭੁੱਖ-ਦੁੱਖ ਤੇ ਜਿੱਲਤ ਤੋਂ ਮੁਕਤੀ ਦੁਆ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹੀ 23 ਮਾਰਚ ਦੇ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੂੰ ਸੱਚੀ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਹੋਵੇਗੀ। ਰਘਬੀਰ ਸਿੰਘ ਪਕੀਵਾਂ, ਮਹੀਪਾਲ, ਧਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਹਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ, ਮੁਖਤਿਆਰ ਸਿੰਘ ਮੱਲ੍ਹਾ, ਗੁਰਮੇਜ ਸਿੰਘ ਤਿੰਮੋਵਾਲ, ਠਾਕੁਰ ਧਿਆਨ ਸਿੰਘ, ਕੁਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮੱਲੂ ਨੰਗਲ, ਸ਼ਮਸ਼ੇਰ ਸਿੰਘ ਬਟਾਲਾ, ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ ਸੈਦਪੁਰ, ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਿਆਲਪੁਰਾ,  ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਦਾਊਦ, ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ ਪੰਡੋਰੀ, ਗੁਰਨਾਮ ਸਿੰਘ ਭਿੰਡਰ ਵੀ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

Thursday, 26 February 2026

पंजाब की शान्ति और व्यवस्था को भंग करने के लिए एजेंसियों और चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे दमन के खि़लाफ आवाज़ उठाने का किया आह्वान



चंडीगढ़: सेक्टर 25 में भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपीआई) की पंजाब राज्य समिति द्वारा आयोजित एक भव्य रैली में पंजाब के सभी लोगों से केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किये जा रहे संघीय अधिकारों के निरंतर घोर उल्लंघन, पंजाब के खिलाफ उत्पीडऩ और भेदभाव और पंजाब की शान्ति और व्यवस्था को भंग करने के लिए एजेंसियों और चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे दमन के खि़लाफ आवाज़ उठाने का आह्वान किया गया है। रैली को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने कानून व्यवस्था बनाए रखकर प्रांत के लोगों को आपराधिक गिरोहों से बचाने में बुरी तरह विफल रही पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार पर भी तीखा प्रहार किया है।



एक प्रस्ताव द्वारा मांग की गई है कि पंजाब समेत पूरे देश में बिना मुक़दमे के जेल में बंद और अपनी सजा पूरी कर चुके राजनीतिक कैदियों, बुद्धिजीवियों तथा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए; पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को तत्काल पंजाब को सौंप दिया जाए; नदियों के जल का वितरण रीपेरीयन  सिद्धांत के अनुसार किया जाए; पंजाबी भाषी क्षेत्रों को पंजाब में शामिल किया जाए; पंजाब समेत पूरे देश में पंजाबी भाषा को उचित सम्मान और गरिमा दी जाए; भाखरा-ब्यास प्रशासनिक बोर्ड में पंजाब का खोया हुआ दर्जा बहाल किया जाए; पंजाब को नष्ट करने की साजिशों को तत्काल रोका जाए। इस अवसर पर यह घोषणा की गई कि उपरोक्त मांगों को पूरा करने के लिए धर्म और जाति के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी पंजाबियों का संयुक्त संघर्ष छेड़ा जाएगा।



इस भव्य रैली को पार्टी के महासचिव कॉमरेड मंगत राम पसला, राज्य समिति के सचिव कॉमरेड परगट सिंह जामाराए, राज्य सचिवालय के सदस्य कुलवंत सिंह संधू, सज्जन सिंह, डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, दर्शन नाहर और रवी लोहगड ने संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), जिसने अपने राजनीतिक दल भाजपा के माध्यम से देश की केंद्रीय सत्ता पर कब्जा कर लिया है, देशवासियों, विशेषकर पंजाबियों को सिख गुरुओं द्वारा रचित मानवतावादी वाणी, भक्ति आंदोलन के महान नेताओं के तर्कसंगत ज्ञान, गदरी नायकों और शहीद-ए-आजम भगत सिंह और उनके साथियों की क्रांतिकारी विचारधारा के साथ-साथ प्रगतिशील सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी भटकाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि संघ परिवार पंजाबियों के अडिग स्वभाव और अन्याय के हर रूप के विरुद्ध लडऩे और जान देने की इस क्षेत्र की समृद्ध विरासत को अपनी पिछड़ी विचारधारा के प्रसार और धर्म-आधारित हिंदुत्वी राष्ट्र स्थापित करने के अपने घातक एजेंडे को लागू करने में सबसे बड़ी बाधा मानता है। उन्होंने पंजाब की जनता से संघ परिवार की विभाजनकारी साजिशों से अवगत होने और उसके नापाक मंसूबों को नाकाम करने की पुरजोर अपील की।



हाथों में लाल झंडे लिए जनसभा में पहुंचे लोगों के बुलंद नारों ने पूरे माहौल को क्रांतिकारी रंग में रंग दिया। वक्ताओं ने कहा कि यह बेहद दुख और रोष का विषय है कि पंजाब में बदलाव का नारा लगाकर सत्ता हथियाने वाली ‘आप’ सरकार केंद्र में मोदी सरकार की उन्ही नीतियों को लागू कर रही है, जो जनता को गरीब बना रही हैं और अमीरों की तिजोरियां भर रही हैं। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के खुले समर्थन से पूरे राज्य में नशीले पदार्थों के तस्कर, आपराधिक गिरोह और रेत-बजरी माफिया बेखौफ घूम रहे हैं। हत्याएं, लूटपाट, छीना-झपटी और जबरन वसूली रोजमर्रा की घटनाएं बन गई हैं। मान सरकार अपनी खराब छवि से जनता की ध्यान भटकाने के लिए विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये लुटा रही है और संघर्षरत वर्गों का दमन कर रही है। वीआईपी संस्कृति और भ्रष्टाचार हद पार कर चुके हैं। नेताओं ने जनविरोधी नीतियों और राज्य सरकार के खराब प्रदर्शन के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि देश और प्रांत में वास्तविक जनहितैषी परिवर्तन लाने के लिए वामपंथी दलों को एकजुट करने के प्रयासों को जारी रखते हुए, देश को सांप्रदायिक फासीवाद के हमलों से मुक्त करने की तत्काल आवश्यकता को देखते हुए वामपंथी, लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों, नागरिक समाज और प्रगतिशील आंदोलन की एकजुटता और संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

एक प्रस्ताव में, पंजाब सरकार द्वारा ‘हिंद समाचार अखबार समूह’ पर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई।

रैली के बाद एक विशाल जन जुलूस निकाला गया और प्रधानमंत्री तथा राज्य के मुख्यमंत्री को याचिकाएं भेजी गईं।

रैली की अध्यक्षता रतन सिंह रंधावा, गुरनाम सिंह दाऊद, नत्था सिंह दढवाल और सुरिंदर गिल जयपाल ने की। मंच संचालक का कार्यभार राज्य समिति के कोषाध्यक्ष प्रोफेसर जयपाल सिंह ने संभाला।

ਕੇਂਦਰ ਦੀਆਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿਰੋਧੀ ਸਾਜਿਸ਼ਾਂ ਦਾ ਇਕਜੁੱਟ ਹੋ ਕੇ ਬੁਥਾੜ ਭੰਨਣ ਸਮੂਹ ਪੰਜਾਬੀ : ਪਾਸਲਾ



ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ: ਭਾਰਤੀ ਇਨਕਲਾਬੀ ਮਾਰਕਸਵਾਦੀ ਪਾਰਟੀ (ਆਰ.ਐੱਮ.ਪੀ.ਆਈ.) ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਕਮੇਟੀ ਵਲੋਂ ਸੈਕਟਰ 25 ’ਚ ਕੀਤੀ ਗਈ ਵਿਸ਼ਾਲ ਰੈਲੀ ’ਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਮੂਹ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਫੈਡਰਲ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦੇ ਨਿਰੰਤਰ ਘਾਣ, ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਧੱਕੇ-ਵਿਤਕਰੇ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਅਮਨ-ਚੈਨ ਨੂੰ ਲਾਂਬੂ ਲਾਉਣ ਦੀਆਂ ਏਜੰਸੀਆਂ ਤੇ ਕੱਟੜਪੰਥੀਆਂ ਦੀਆਂ ਕੁਚਾਲਾਂ ਖਿਲਾਫ਼ ਗਰਜਵੀਂ ਆਵਾਜ ਬੁਲੰਦ ਕਰਨ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਰੈਲੀ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਪਾਰਟੀ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਅਮਨ-ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਬਹਾਲ ਰੱਖਣ ਰਾਹੀਂ ਪ੍ਰਾਂਤ ਵਾਸੀਆਂ ਦੀ ਅਪਰਾਧੀ ਗਰੋਹਾਂ ਤੋਂ ਰਾਖੀ ਕਰਨ ਪੱਖੋਂ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਕਾਮ ਰਹੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਵੀ ਕਰੜੇ ਹੱਥੀਂ ਲਿਆ।



ਇਕ ਮਤੇ ਰਾਹੀਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਮੇਤ ਸਾਰੇ ਦੇਸ਼ ’ਚ ਬਿਨਾਂ ਮੁਕੱਦਮਾ ਚਲਾਏ ਜੇਲ੍ਹੀਂ ਡੱਕੇ ਤੇ ਸਜ਼ਾਵਾਂ ਪੂਰੀਆਂ ਕਰ ਚੁਕੇ ਸਿਆਸੀ ਕੈਦੀ, ਬੁੱਧੀਜੀਵੀ ਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਾਰਕੁੰਨ ਫੌਰੀ ਰਿਹਾ ਕੀਤੇ ਜਾਣ; ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਫੌਰੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ; ਦਰਿਆਈ ਪਾਣੀਆਂ ਦੀ ਰਿਪੇਅਰੀਨ ਸਿਧਾਂਤ ਮੁਤਾਬਕ ਵੰਡ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ; ਪੰਜਾਬੀ ਬੋਲਦੇ ਇਲਾਕੇ ਪੰਜਾਬ ’ਚ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤੇ ਜਾਣ; ਪੰਜਾਬੀ ਬੋਲੀ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਸਮੇਤ ਪੂਰੇ ਦੇਸ਼ ’ਚ ਬਣਦਾ ਮਾਣ-ਸਤਿਕਾਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ; ਭਾਖੜਾ-ਬਿਆਸ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਬੋਰਡ ’ਚ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਖੋਹਿਆ ਰੁਤਬਾ ਬਹਾਲ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ; ਬਾਰਡਰ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਭਾਰਤ-ਪਾਕ ਦੁਵੱਲਾ ਵਪਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ; ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਬਰਬਾਦ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ਾਂ ਤੁਰੰਤ ਬੰਦ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਣ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਕਿ ਉਕਤ ਮੰਗਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਲਈ ਧਰਮਾਂ-ਜਾਤਾਂ ਦੇ ਵਖਰੇਵਿਆਂ ਤੋਂ ਉੱਤੇ ਉੱਠ ਕੇ ਸਮੂਹ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦਾ ਸਰਬ ਸਾਂਝਾ ਘੋਲ ਵਿੱਢਿਆ ਜਾਵੇਗਾ।



ਵਿਸ਼ਾਲ ਰੈਲੀ ਨੂੰ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਕਾਮਰੇਡ ਮੰਗਤ ਰਾਮ ਪਾਸਲਾ, ਰਾਜ ਕਮਟੀ ਦੇ ਸਕੱਤਰ ਸਾਥੀ ਪਰਗਟ ਸਿੰਘ ਜਾਮਾਰਾਏ, ਸੂਬਾ ਸਕੱਤਰੇਤ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਨ ਕੁਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ, ਸੱਜਣ ਸਿੰਘ, ਡਾਕਟਰ ਸਤਨਾਮ ਸਿੰਘ ਅਜਨਾਲਾ, ਦਰਸ਼ਨ ਨਾਹਰ, ਰਵਿੰਦਰ ਰਵੀ ਲੋਹਗੜ ਨੇ ਸੰਬੋਧਨ ਕੀਤਾ। ਬੁਲਾਰਿਆਂ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਆਪਣੇ ਸਿਆਸੀ ਵਿੰਗ ਭਾਜਪਾ ਰਾਹੀਂ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਕੇਂਦਰੀ ਸੱਤਾ ’ਤੇ ਕਾਬਜ ਹੋ ਚੁੱਕਾ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸੋਇਮ ਸੇਵਕ ਸੰਘ (ਆਰ.ਐਸ.ਐਸ.) ਦੇਸ਼ ਵਾਸੀਆਂ, ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੂੰ ਸਿੱਖ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬਾਨ ਵਲੋਂ ਰਚੀ ਮਾਨਵ ਹਿਤੈਸ਼ੀ ਬਾਣੀ, ਭਗਤੀ ਲਹਿਰ ਦੇ ਮਹਾਨ ਰਹਿਬਰਾਂ ਦੇ ਤਰਕਵਾਦੀ ਗਿਆਨ, ਗਦਰੀ ਸੂਰਬੀਰਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਹੀਦ-ਇ-ਆਜ਼ਮ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਤੇ ਸਾਥੀਆਂ ਦੀ ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਦੇ ਨਾਲ ਪ੍ਰਗਤੀਸ਼ੀਲ ਸੋਚ ਤੇ ਵਿਗਿਆਨਕ ਨਜਰੀਏ ਤੋਂ ਬੇਮੁੱਖ ਕਰਨ ਲੱਗਾ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੰਘ ਪਰਿਵਾਰ, ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੇ ਨਾਬਰੀ ਦੇ ਸੁਭਾਅ ਅਤੇ ਹਰ ਕਿਸਮ ਦੇ ਅਨਿਆਂ ਖਿਲਾਫ ਜੂਝ ਮਰਨ ਤੇ ਪੀੜਤਾਂ ਦੇ ਹੱਕ ’ਚ ਡੱਟ ਕੇ ਖਲੋਣ ਦੇ ਇਸ ਖਿੱਤੇ ਦੇ ਨਰੋਏ ਵਿਰਸੇ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਪਿਛਾਖੜੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਦੇ ਪ੍ਰਚਾਰ-ਪਸਾਰ ਤੇ ਧਰਮ ਆਧਾਰਿਤ ਹਿੰਦੂਤਵੀ-ਮਨੂੰਵਾਦੀ ਰਾਸ਼ਟਰ ਕਾਇਮ ਕਰਨ ਦਾ ਆਪਣਾ ਘਾਤਕ ਏਜੰਡਾ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਦੇ ਰਾਹ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਅੜਿੱਕਾ ਸਮਝਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੰਜਾਬ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਸੰਘ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਵੰਡਵਾਦੀ ਸਾਜਿਸ਼ਾਂ ਤੋਂ ਸੁਚੇਤ ਹੋਣ ਤੇ ਇਸ ਦੇ ਕੋਝੇ ਮਨਸੂਬੇ ਫੇਲ੍ਹ ਕਰਨ ਦੀ ਪੁਰਜ਼ੋਰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ।



ਜਨਤਕ ਇਕੱਠ ’ਚ ਹੱਥਾਂ ’ਚ ਲਾਲ ਝੰਡੇ ਲੈ ਕੈ ਪੁੱਜੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਅਕਾਸ਼ ਗੂੰਜਾਊ ਨਾਅਰੇ ਸਮੁੱਚੇ ਵਾਤਾਵਰਣ ਨੂੰ ਇਨਕਲਾਬੀ ਰੰਗ ’ਚ ਰੰਗ ਰਹੇ ਸਨ। ਬੁਲਾਰਿਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਡਾਢੇ ਦੁੱਖ ਤੇ ਰੋਸ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ ਕਿ ਬਦਲਾਅ ਦਾ ਨਾਅਰਾ ਲਾ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਰਾਜ ਸੱਤਾ ’ਤੇ ਕਾਬਜ਼ ਹੋਈ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕੰਗਾਲ ਕਰਕੇ ਧਨਾਢਾਂ ਦੇ ਖਜ਼ਾਨੇ ਭਰਪੂਰ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ’ਤੇ ਹੂਬਹੂ ਅਮਲ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਸ਼ਾ ਕਾਰੋਬਾਰੀ, ਅਪਰਾਧੀ ਗ੍ਰੋਹ ਤੇ ਰੇਤ-ਬੱਜ਼ਰੀ ਮਾਫੀਆ ਰਾਜ ਕਰਦੀ ਧਿਰ ਦੇ ਨੰਗੇ-ਚਿਟੇ ਥਾਪੜੇ ਨਾਲ ਸੂਬੇ ਭਰ ’ਚ ਚੰਮ ਦੀਆਂ ਚਲਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਕਤਲਾਂ, ਲੁੱਟਾਂ-ਖੋਹਾਂ, ਝਪਟਮਾਰੀ, ਫਿਰੌਤੀ ਵਸੂਲੀ, ਨਸ਼ਿਆਂ ਨਾਲ ਮੌਤਾਂ ਰੋਜ਼ ਦਾ ਵਰਤਾਰਾ ਬਣ ਗਿਆ ਹੈ। ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਰਾਹੀਂ ਕਰੋੜਾਂ ਰੁਪਏ ਫੂਕ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਅੱਖੀਂ ਘੱਟਾ ਪਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਸੰਘਰਸ਼ੀ ਧਿਰਾਂ ’ਤੇ ਜਬਰ ਢਾਹ ਰਹੀ ਹੈ। ਵੀਆਈਪੀ ਕਲਚਰ ਤੇ ਭਿ੍ਰਸ਼ਟਾਚਾਰ ਹੱਦਾਂ-ਬੰਨੇ ਪਾਰ ਕਰ ਗਿਆ ਹੈ। ਸਰਕਾਰ ਆਪਣੀਆਂ ਨਾਕਾਮੀਆਂ ਤੋਂ ਧਿਆਨ ਭਟਕਾਉਣ ਲਈ ਫਰਜੀ ਪੁਲਸ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਤੇ ਮੋਦੀ ਮਾਰਕਾ ਬੁਲਡੋਜ਼ਰ ਕਾਰਵਾਈ ਦਾ ਸਹਾਰਾ ਲੈ ਰਹੀ ਹੈ। ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਲੋਕ ਵਿਰੋਧੀ ਨੀਤੀ ਕਦਮਾਂ ਤੇ ਨਖਿੱਧ ਕਾਰਗੁਜਾਰੀ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਤੱਕੜੀ ਜਦੋਜਹਿਦ ਵਿੱਢਣ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਹੈ।



ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਪ੍ਰਾਂਤ ’ਚ ਹਕੀਕੀ ਲੋਕ ਪੱਖੀ ਬਦਲਾਅ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਖੱਬੀਆਂ ਧਿਰਾਂ ਦਾ ਏਕਾ ਕਾਇਮ ਕਰਨ ਦੇ ਯਤਨ ਜਾਰੀ ਰੱਖਦਿਆਂ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਫਿਰਕੂ-ਫਾਸ਼ੀਵਾਦ ਦੇ ਹੱਲਿਆਂ ਤੋਂ ਮੁਕਤ ਕਰਨ ਦੀ ਫੌਰੀ ਲੋੜ ਦੇ ਸਨਮੁੱਖ ਖੱਬੀਆਂ, ਜਮਹੂਰੀ, ਧਰਮ ਨਿਰਪੱਖ ਸਿਆਸੀ ਧਿਰਾਂ, ਸਿਵਲ ਸੁਸਾਇਟੀ ਤੇ ਅਗਾਂਹਵਧੂ ਲਹਿਰ ਦੀ ਸਾਂਝ ਤੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਨੂੰ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।

ਇਕ ਮਤੇ ’ਚ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ‘ਹਿੰਦ ਸਮਾਚਾਰ ਅਖ਼ਬਾਰ ਸਮੂਹ’ ’ਤੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਮਲਿਆਂ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਨਿਖੇਧੀ ਕੀਤੀ ਗਈ।

ਰੈਲੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਿਸ਼ਾਲ ਜਨਤਕ ਮਾਰਚ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਤੇ ਰਾਜ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਨਾਂ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਭੇਜੇ ਗਏ।

ਰੈਲੀ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਰਤਨ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ, ਗੁਰਨਾਮ ਸਿੰਘ ਦਾਊਦ, ਨੱਥਾ ਸਿੰਘ ਡਢਵਾਲ, ਸੁਰਿੰਦਰ ਗਿੱਲ ਜੈਪਾਲ ਨੇ ਕੀਤੀ। ਮੰਚ ਸੰਚਾਲਕ ਦੇ ਫਰਜ ਰਾਜ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਖਜ਼ਾਨਚੀ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਜੈਪਾਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਨਿਭਾਏ।

Saturday, 31 January 2026

ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ ਕੇਂਦਰ ਦੇ ਧੱਕੇ-ਵਿਤਕਰੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ 26 ਫਰਵਰੀ ਨੂੰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪੁੱਜਣ ਦਾ ਕੀਤਾ ਆਰਐੱਮਪੀਆਈ ਨੇ ਐਲਾਨ


ਜਲੰਧਰ: "ਸੰਘੀ ਗ੍ਰੋਹਾਂ ਵੱਲੋਂ, ਉੱਤਰਾਖੰਡ ਵਿਖੇ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੂਫੀ ਫ਼ਕੀਰ ਬਾਬਾ ਬੁੱਲ੍ਹੇਸ਼ਾਹ ਦੀ ਦਰਗਾਹ ਦੀ ਵਿਉਂਤਬੱਧ ਬੇਹੁਰਮਤੀ ਤੋਂ ਇਹ ਬਾਖੂਬੀ ਸਿੱਧ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਹਿੰਦਤਵੀ ਖਰੂਦੀ ਸਾਂਝੀਵਾਲਤਾ ਤੇ ਫਿਰਕੂ ਇਕਸੁਰਤਾ ਦੇ ਹਰ ਨਿਸ਼ਾਨ ਤੇ ਅਤੀਤ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਨਰੋਈਆਂ ਕਦਰਾਂ-ਕੀਮਤਾਂ ਦੇ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਬਜ਼ਿਦ ਹਨ।"

ਉਕਤ ਸ਼ਬਦ, ਭਾਰਤੀ ਇਨਕਲਾਬੀ ਮਾਰਕਸਵਾਦੀ ਪਾਰਟੀ (ਆਰ.ਐੱਮ.ਪੀ.ਆਈ.) ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ 'ਚ ਬੋਲਦਿਆਂ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਕਾਮਰੇਡ ਮੰਗਤ ਰਾਮ ਪਾਸਲਾ ਨੇ ਕਹੇ ਹਨ। ਸਾਥੀ ਪਾਸਲਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੁਸਲਿਮ ਵਸੋਂ ਨੂੰ ਹਿੰਦੂ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਤੇ ਪਵਿੱਤਰ ਆਯੋਜਨਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿਣ ਦਾ ਫਰਮਾਨ ਜਾਰੀ ਕਰਕੇ ਸੰਘੀ ਟੋਲੇ ਭਾਰਤੀ ਸਮਾਜ ਦੀ ਫਿਰਕੂ ਆਧਾਰ 'ਤੇ ਤਿੱਖੀ, ਸਦੀਵੀਂ ਵੰਡ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ।

ਉਨ੍ਹਾਂ ਚਿਤਾਵਨੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੌਮੀ ਸੁਰਖਿਆ ਸਲਾਹਕਾਰ ਸ਼੍ਰੀ ਅਜੀਤ ਡੋਭਾਲ ਦਾ ਅਤੀਤ ਦੀਆਂ ਮੰਦਭਾਗੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਆਧਾਰ ਬਣਾ ਕੇ ਅਜੋਕੇ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਤੋਂ ਬਦਲਾ ਲੈਣ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੰਦਾ ਅੱਤ ਦਰਜੇ ਦਾ ਭੜਕਾਊ ਬਿਆਨ, ਘੱਟ ਗਿਣਤੀਆਂ ਦੇ ਕਤਲੇਆਮ 'ਤੇ ਘਰੋਗੀ ਜੰਗ ਛਿੜਨ ਦਾ ਜਰੀਆ ਬਣ ਸਕਦਾ ਹੈ।

ਸਾਥੀ ਪਾਸਲਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਹੈ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਵਲੋਂ ਸ਼ਹੀਦ-ਇ-ਆਜ਼ਮ ਭਗਤ ਸਿੰਘ, ਰਾਜਗੁਰੂ, ਸੁਖਦੇਵ ਦੇ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦਿਹਾੜੇ ਮੌਕੇ 23 ਮਾਰਚ, 2026 ਨੂੰ ਕੌਮੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਦਿੱਲੀ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ਾਲ ਦੇਸ਼ ਵਿਆਪੀ ਇਕੱਠ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਮੂਹ ਦੇਸ਼ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਸਾਮਰਾਜ ਦੇ ਖੂੰਖਾਰ ਹੱਲਿਆਂ ਤੇ ਜੰਗ ਭੜਕਾਊ ਕੁਚਾਲਾਂ ਵਿਰੁੱਧ, ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸੰਵਿਧਾਨ, ਵਰਤਮਾਨ ਉਦਾਰ ਢਾਂਚੇ ਤੇ ਜਮਹੂਰੀ ਕਦਰਾਂ-ਕੀਮਤਾਂ ਦੇ ਪਿਛਾਖੜੀ ਤਾਕਤਾਂ ਵਲੋਂ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਘਾਣ ਖਿਲਾਫ਼ ਤੇ ਕਿਰਤੀ ਵਸੋਂ ਦੀਆਂ ਮੁਸੀਬਤਾਂ 'ਚ ਢੇਰਾਂ ਵਾਧਾ ਕਰ ਰਹੀਆਂ ਨਵ-ਉਦਾਰਵਾਦੀ ਨੀਤੀਆਂ ਤੋਂ ਮੁਕਤੀ ਲਈ ਜੂਝਣ ਦਾ ਹੋਕਾ ਦੇਣ ਲਈ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਇਸ ਇਕੱਠ 'ਚ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਸਮੇਤ ਵਹੀਰਾਂ ਘੱਤ ਕੇ ਦਿੱਲੀ ਪੁੱਜਣ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ।

ਸੂਬਾ ਸਕੱਤਰ ਪਰਗਟ ਸਿੰਘ ਜਾਮਾਰਾਏ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਅਜੋਕੇ ਖਤਰਨਾਕ ਹਾਲਾਤ ਬਾਰੇ ਡੂੰਘੀ ਚਿੰਤਾ ਪ੍ਰਗਟਾਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਪਰਾਧੀ ਗਰੋਹਾਂ, ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਤੇ ਮਾਫੀਆ ਤੰਤਰ ਨੂੰ ਹਾਸਲ ਹਕੂਮਤੀ ਥਾਪੜੇ ਸਦਕਾ ਨਾਜਾਇਜ ਮਾਇਨਿੰਗ ਅਤੇ ਕਤਲਾਂ, ਲੁੱਟਾਂ-ਖੋਹਾਂ, ਫਿਰੌਤੀ ਵਸੂਲੀ ਆਦਿ ਵਾਰਦਾਤਾਂ ਬੇਰੋਕ ਵਧ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਭ੍ਰਿਸਟਾਚਾਰ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਹੱਦਾਂ ਉਲੰਘ ਚੁੱਕੀ ਸੂਬੇ ਦੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਆਪਣੀ ਨਖਿੱਧ ਕਾਰਗੁਜਾਰੀ ਤੇ ਚੌਤਰਫਾ ਨਾਕਾਮੀਆਂ ਤੋਂ ਧਿਆਨ ਭਟਕਾਉਣ ਲਈ ਝੂਠੇ ਪ੍ਰਚਾਰ ਦਾ ਸਹਾਰਾ ਲੈ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਵਿਰੋਧ ਦੀਆਂ ਆਵਾਜ਼ਾਂ  ਨੂੰ ਦਬਾਉਣ ਲਈ ਜਾਬਰ ਹਥਕੰਡੇ ਅਪਣਾਅ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਮੀਡੀਆ ਦਾ ਗਲਾ ਘੁੱਟ ਰਹੀ ਹੈ।

ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਹੈ ਕਿ ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਧੱਕੇ-ਵਿਤਕਰੇ ਤੇ ਸਾਜਿਸ਼ਾਂ ਖਿਲਾਫ, ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਚਿਰਾਂ ਤੋਂ ਲੰਬਿਤ ਮਸਲਿਆਂ ਦਾ ਨਿਆਈਂ ਹੱਲ ਲੱਭੇ ਜਾਣ ਲਈ, 'ਆਪ' ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਨਾਕਸ ਨੀਤੀ-ਪਹੁੰਚ ਖਿਲਾਫ਼ ਆਉਣ ਵਾਲੀ 26 ਫਰਵਰੀ ਨੂੰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ਾਲ ਲੋਕ ਇਕੱਠ ਤੇ ਰੋਸ ਮਾਰਚ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।

ਰਾਜ ਕਮੇਟੀ ਨੇ ਪਾਰਟੀ ਸਫਾਂ ਨੂੰ 12 ਫਰਵਰੀ ਨੂੰ ਕੀਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਹੜਤਾਲ ਵਾਸਤੇ ਵਧੇਰੇ ਤੋਂ ਵਧੇਰੇ ਲਾਮਬੰਦੀ ਕਰਨ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੰਦਿਆਂ ਪ੍ਰਾਂਤ ਵਾਸੀਆਂ, ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਮਿਹਨਤੀ ਵਰਗਾਂ ਨੂੰ ਹੜਤਾਲ ਦੀ ਬੇਮਿਸਾਲ ਕਾਮਯਾਬੀ ਲਈ ਹਰ ਪੱਖੋਂ ਯੋਗਦਾਨ ਦੇਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਮੀਟਿੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਸਾਥੀ ਰਤਨ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ ਨੇ ਕੀਤੀ। ਆਰੰਭ ਵਿਚ ਲੰਘੇ ਦਿਨੀਂ ਸਦੀਵੀ ਵਿਛੋੜਾ ਦੇ ਗਏ ਸਾਥੀ ਪਿਆਰਾ ਸਿੰਘ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ, ਜਸਪਾਲ ਸਿੰਘ ਝਬਾਲ, ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਛੇਹਰਟਾ, ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਤੇ ਮਾਤਾ ਹਰਬੰਸ ਕੌਰ ਨੂੰ ਮੌਨ ਖੜੋ ਕੇ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਭੇਂਟ ਕੀਤੀ ਗਈ।

Monday, 22 December 2025

ਆਰ.ਐਮ.ਪੀ.ਆਈ. ਨੇ ਸੱਦਿਆ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਤੇਗ਼ ਬਹਾਦਰ, ਚਾਰ ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦਿਆਂ ਅਤੇ ਲਾਸਾਨੀ ਸਿੱਖ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੀ ਅਦੁੱਤੀ ਕੁਰਬਾਨੀ ਨੂੰ ਸਿਜਦਾ ਕਰਨ ਲਈ ਸੂਬਾਈ ਸੈਮੀਨਾਰ


ਜਲੰਧਰ: ਭਾਰਤੀ ਇਨਕਲਾਬੀ ਮਾਰਕਸਵਾਦੀ ਪਾਰਟੀ (ਆਰ.ਐਮ.ਪੀ.ਆਈ.) ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਕਮੇਟੀ ਵਲੋਂ 'ਦੇਸ਼ ਭਗਤ  ਯਾਦਗਾਰ ਜਲੰਧਰ' ਦੇ 'ਗ਼ਦਰੀ ਸ਼


ਹੀਦ ਵਿਸ਼ਨੂੰ ਗਣੇਸ਼ ਪਿੰਗਲੇ ਹਾਲ' ਵਿਖੇ ਨਾਮਵਰ ਵਿਦਵਾਨ  ਡਾਕਟਰ ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੌਹਲ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਹੇਠ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਸੂਬਾਈ ਸੈਮੀਨਾਰ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। 

ਉੱਘੇ ਬੁੱਧੀਜੀਵੀ, ਮਨੁੱਖੀ ਤੇ ਜਮਹੂਰੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਦੇ ਮਾਨਵੀ ਯੁੱਧ ਦੇ ਬੇਖੌਫ ਜੁਝਾਰੂ, ਸ਼ਹੀਦ-ਇ-ਆਜ਼ਮ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਦੇ ਭਾਣਜੇ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਜਗਮੋਹਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਮੁੱਖ ਵਿਸ਼ੇ "ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਤੇਗ਼ ਬਹਾਦਰ, ਚਾਰ ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦਿਆਂ ਅਤੇ ਲਾਸਾਨੀ ਸਿੱਖ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੇ ਕੁਰਬਾਨੀ ਦੇ ਅਦੁੱਤੀ ਜਜ਼ਬੇ ਦਾ ਅਜੋਕਾ ਮਹੱਤਵ" ਬਾਰੇ ਕੁੰਜੀਵਤ ਭਾਸ਼ਣ ਦਿੱਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਤਿਆਗ ਦੀ ਅਦੁੱਤੀ ਗਾਥਾ ਦੇ ਸਿਰਜਣਹਾਰ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਤੇਗ਼ ਬਹਾਦਰ ਜੀ, ਸਰਬੰਸ ਦਾਨੀ ਦਸ਼ਮੇਸ਼ ਪਿਤਾ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਚਾਰੇ ਹੋਣਹਾਰ ਸਪੁੱਤਰਾਂ ਅਤੇ ਲਾਤਾਦਾਦ ਸਿੱਖ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੇ ਕਿਸੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਧਰਮ ਦੇ ਖਿਲਾਫ, ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਧਰਮ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਸ਼ਹਾਦਤ ਨਹੀਂ ਸੀ ਦਿੱਤੀ। ਬਲਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਧਾਰਮਿਕ ਆਜ਼ਾਦੀਆਂ, ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਤੇ  ਸਾਂਝੀਵਾਲਤਾ ਦੀ ਰਾਖੀ ਅਤੇ ਲੁੱਟ-ਖਸੁੱਟ, ਜਬਰ-ਵਿਤਕਰੇ ਤੇ ਕੱਟੜਤਾ ਦੇ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਆਪਣਾ-ਆਪ ਕੁਰਬਾਨ ਕਰਨ ਦੀ ਸ਼ਾਨਾਮੱਤੀ ਵਿਰਾਸਤ ਸਿਰਜੀ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਯੁੱਧ ਕਿਸੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਧਰਮ, ਰੰਗ-ਨਸਲ, ਜਾਤ ਜਾਂ ਖਿੱਤੇ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹੁਕਮਰਾਨਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਤਾਂ ਜ਼ਾਲਿਮ ਸਥਾਪਤੀ ਦੇ ਖੂਨੀ ਪੰਜਿਆਂ ਤੋਂ ਕਿਰਤੀ ਜਨ ਸਮੂਹਾਂ ਦੀ ਸਦੀਵੀ ਮੁਕਤੀ ਦਾ ਮਾਨਵੀ ਸੰਗਰਾਮ ਲੜਿਆ ਸੀ। ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਜਗਮੋਹਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਿਰਲੱਥ ਸਿੱਖ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੀ ਤਿਆਗ ਦੀ ਇਸ ਬੇਜੋੜ ਭਾਵਨਾ ਅਤੇ ਸਾਂਝੀਵਾਲਤਾ ਦੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮਹਾਨ ਜਜ਼ਬੇ ਦਾ ਸੁਵੱਲਾ ਪ੍ਰਭਾਵ ਸੁਤੰਤਰਤਾ ਸੰਗਰਾਮ ਦੌਰਾਨ ਹੋਰ ਵੀ ਉੱਭਰ ਕੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਸੀ, ਜਿਸ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਗ਼ਦਰ ਤਹਿਰੀਕ ਦੇ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ਾਂ, ਜਲ੍ਹਿਆਂ ਵਾਲਾ ਬਾਗ਼ ਸ਼ਹੀਦੀ ਸਾਕੇ ਅਤੇ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਦੀਆਂ ਲਿਖਤਾਂ ਤੋਂ ਬਾਖੂਬੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਵਿਦਵਾਨ ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ 'ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਤੇਗ਼ ਬਹਾਦਰ ਜੀ ਵਲੋਂ ਹਿੰਦੂ ਧਰਮ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਸ਼ੀਸ ਵਾਰਨ" ਦਾ ਇਕ ਪਾਸੜ ਤੇ ਖੋਟਾ ਬਿਰਤਾਂਤ ਜਨ ਸਮੂਹਾਂ ਦੀ ਜਮਾਤੀ ਏਕਤਾ ਅਤੇ ਫਿਰਕੂ ਇਕਸੁਰਤਾ ਤੋਂ ਭੈਅਭੀਤ ਹਾਕਮ ਜਮਾਤਾਂ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਲੋਟੂ ਹਿਤਾਂ ਦੀਆਂ ਪਹਿਰਾਬਰਦਾਰ ਫਿਰਕੂ-ਵੰਡਵਾਦੀ ਤਾਕਤਾਂ ਵਲੋਂ ਸਾਜਿਸ਼ਨ ਘੜਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਹੋਰ ਸਪਸ਼ਟਤਾ ਨਾਲ ਕਿਹਾ ਕਿ 'ਹਿੰਦੂ ਧਰਮ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਣ' ਦਾ ਕੂੜ ਪ੍ਰਚਾਰ ਉਹ ਸਵਾਰਥੀ ਤੱਤ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਜੋ ਅਜੋਕੀ ਹਰ ਬੁਰਾਈ ਲਈ ਇਸਲਾਮ ਧਰਮ ਨੂੰ ਮੰਨਣ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਦੋਸ਼ੀ ਠਹਿਰਾ ਕੇ ਕਿਰਤੀ ਜਨ ਸਮੂਹਾਂ ਦੀ ਮੰਦਹਾਲੀ ਦੇ ਕਸੂਰਵਾਰ ਸਾਮਰਾਜੀਆਂ ਅਤੇ ਪੂੰਜੀਪਤੀ-ਜਗੀਰੂ ਵਰਗਾਂ ਨੂੰ ਸਾਫ ਬਰੀ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਇੰਝ ਕਰਨ ਰਾਹੀਂ ਉਹ ਲੁਟੇਰਾ ਜਮਾਤੀ ਰਾਜ-ਪ੍ਰਬੰਧ ਹਮੇਸ਼ ਕਾਇਮ ਰੱਖਣ ਲਈ ਭਾਈਚਾਰਿਆਂ 'ਚ ਦਰਾੜ ਪੈਦਾ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਜਗਮੋਹਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਿੱਖ ਰਹਿਬਰਾਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਹਾਦਤਾਂ ਸਮੁੱਚੇ ਮਿਹਨਤਕਸ਼ਾਂ ਦੀ ਏਕਤਾ ਕਾਇਮ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਲੁੱਟ-ਚੋਂਘ, ਜਬਰ ਵਿਤਕਰੇ ਤੋਂ ਮੁਕਤੀ ਲਈ ਅਤੇ ਭਾਈ ਲਾਲੋਆਂ ਭਾਵ ਸੱਚੀ-ਸੁੱਚੀ ਕਿਰਤ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਮਿਹਨਤਕਸ਼ਾਂ ਦਾ ਰਾਜ ਯਾਨਿ ਬੇਗ਼ਮਪੁਰਾ ਸਿਰਜਨ ਲਈ ਜੂਝਣ ਦੀ ਪ੍ਰੇਰਣਾ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹਨ।  







ਆਪਣੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੰਬੋਧਨ ਰਾਹੀਂ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਸਾਥੀ ਮੰਗਤ ਰਾਮ ਪਾਸਲਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਰਤੀ ਕਿਰਤੀਆਂ ਨੂੰ ਗਰੀਬ ਦੇਸ਼ਾਂ ਦੇ ਕੁਦਰਤੀ ਤੇ ਮਾਨਵੀ ਵਸੀਲਿਆਂ ਤੇ ਕਿਰਤ ਸ਼ਕਤੀ ਦੀ ਬੇਕਿਰਕ ਲੁੱਟ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਸਾਮਰਾਜੀ ਧਾੜਵੀਆਂ, ਭਾਰਤ ਦੀਆਂ ਆਮਦਨਾਂ, ਜਾਇਦਾਦਾਂ 'ਤੇ ਦੱਬਾ ਮਾਰੀ ਬੈਠੇ ਮੁੱਠੀ ਭਰ  ਕਾਰਪੋਰੇਟ ਘਰਾਣਿਆਂ, ਜਗੀਰਦਾਰਾਂ ਤੇ ਨਵ ਧਨਾਢਾਂ ਦੀ ਅਜੋਕੇ ਮਲਕ ਭਾਗੋਆਂ ਵਜੋਂ ਨਿਸ਼ਾਨਦੇਹੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਅਤਿਅੰਤ ਦੁਰਭਾਗ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਬਸਤੀਵਾਦੀ ਅੰਗ੍ਰੇਜ਼ ਹਾਕਮਾਂ ਦੇ ਹੁਕਮਾਂ ਤਹਿਤ ਸੁਤੰਤਰਤਾ ਸੰਗਰਾਮ ਦੀ ਪਿੱਠ 'ਚ ਛੁਰਾ ਮਾਰਨ ਵਾਲਾ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸੋਇਮ ਸੇਵਕ ਸੰਘ (ਆਰ.ਐਸ.ਐਸ.), ਆਪਣੇ ਸਿਆਸੀ ਵਿੰਗ ਭਾਜਪਾ ਰਾਹੀਂ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਕੇਂਦਰੀ ਸੱਤਾ 'ਤੇ ਕਾਬਜ ਹੋ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ। ਪਾਸਲਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੰਘੀ ਟੋਲੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਮੁਸਲਿਮ ਤੇ ਈਸਾਈ ਘੱਟ ਗਿਣਤੀ ਵਸੋਂ, ਸਦੀਆਂ ਤੋਂ ਲੁੱਟੇ-ਲਤਾੜੇ ਦਲਿਤਾਂ ਅਤੇ ਸ੍ਰਿਸ਼ਟੀ ਦੀਆਂ ਸਿਰਜਣਹਾਰ ਔਰਤਾਂ ਖਿਲਾਫ਼ ਅੱਜ ਉਹੀ ਜ਼ੁਲਮ ਕਮਾ ਰਹੇ ਹਨ, ਜੋ ਆਪਣੀ ਚੜ੍ਹਤ ਦੇ ਦੌਰ 'ਚ ਐਰੰਗਜ਼ੇਬ ਨੇ ਕਮਾਏ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਜੋਕੇ ਹੁਕਮਰਾਨ ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਗਪੁਰੀ ਆਕਾ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਮੌਜੂਦਾ ਸੰਵਿਧਾਨ, ਜਮਹੂਰੀ-ਧਰਮ ਨਿਰਪੱਖ-ਫੈਡਰਲ ਢਾਂਚੇ ਅਤੇ ਸੁਤੰਤਰਤਾ ਸੰਗਰਾਮ ਦੌਰਾਨ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਾਇਮ ਹੋਈਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਨਰੋਈਆਂ ਪ੍ਰੰਪਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਤਹਿਸ-ਨਹਿਸ ਕਰੀ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਸਾਥੀ ਪਾਸਲਾ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਂਝੀਵਾਲਤਾ, ਜਮਹੂਰੀਅਤ ਤੇ ਇਨਸਾਫ ਦੇ ਪਹਿਰਾਬਰਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਇਕਜੁੱਟ ਹੋ ਕੇ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਸੱਤਾ ਤੋਂ ਬੇਦਖ਼ਲੀ ਦਾ ਯੁਧ ਲੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਨਾਲ ਹੀ ਸਮੂਹ ਭਾਰਤੀ ਲੋਕਾਈ ਨੂੰ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਤਰਜ਼ ਦਾ, ਧਰਮ ਆਧਾਰਿਤ, ਕੱਟੜ-ਪਿਛਾਖੜੀ, ਹਿੰਦਤਵੀ-ਮਨੂੰਵਾਦੀ ਰਾਸ਼ਟਰ ਕਾਇਮ ਕਰਨ ਦੇ ਆਰ.ਐਸ.ਐਸ. ਦੇ ਘਾਤਕ ਏਜੰਡੇ ਨੂੰ ਭਾਂਜ ਦੇਣ ਲਈ ਲੋਕ ਘੋਲਾਂ ਦੇ ਪਿੜ ਮੱਲਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ। ਭਾਰਤੀ ਆਵਾਮ, ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਕਿਰਤੀ ਵਰਗਾਂ ਲਈ ਲਾਸਾਨੀ ਸਿੱਖ ਸ਼ਹਾਦਤਾਂ ਦਾ ਅਜੋਕੇ ਸਮੇਂ ਇਹੋ ਮਹੱਤਵ ਹੈ।

ਮੰਚ 'ਤੇ ਕੇਂਦਰੀ ਸਟੈਂਡਿੰਗ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਸਾਥੀ ਹਰਕੰਵਲ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਭਗਤ ਯਾਦਗਾਰ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਕੁਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ। ਮੰਚ ਸੰਚਾਲਕ ਦੇ ਫਰਜ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਰਾਜ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਸਕੱਤਰ ਸਾਥੀ ਪਰਗਟ ਸਿੰਘ ਜਾਮਾਰਾਏ ਨੇ ਕੁਸ਼ਲਤਾ ਸੰਗ ਨਿਭਾਏ। ਸਮਰੱਥ ਬੁਲਾਰਿਆਂ ਦੇ ਵੱਡਮੁਲੇ ਵਿਚਾਰ ਸੁਨਣ ਲਈ ਬਾਵੱਕਾਰ ਨਿਆਂ ਪਸੰਦ ਸ਼ਹਿਰੀ ਅਤੇ ਸੰਜੀਦਾ ਸਿਆਸੀ-ਸਮਾਜਕ ਕਾਰਕੁੰਨ ਪੰਜਾਬ ਭਰ ਚੋਂ ਧਾਹ ਕੇ ਪੁੱਜੇ ਅਤੇ ਵਿਚਾਰ-ਚਰਚਾ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਇਕਾਗਰ ਚਿੱਤ ਹੋ ਕੇ ਸੁਣਿਆ। ਹਾਜ਼ਰੀਨ ਨੇ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਵਿਲੱਖਣ ਪਹਿਲਕਦਮੀ ਦੀ ਡੱਟਵੀਂ ਸ਼ਲਾਘਾ ਵੀ ਕੀਤੀ।